स्टेशन परिसर के बाहर ‘रोटी बैंक’ पर संकट, प्रशासन के दबाव से उठे सवाल
बक्सर लाईव। बक्सर रेलवे स्टेशन के बाहर वर्षों से गरीबों और असहायों का सहारा बने ‘रोटी बैंक’ पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। समाजसेवी ओम जी यादव द्वारा संचालित इस पहल से रोजाना सैकड़ों जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन मिलता है, लेकिन बीते कुछ दिनों से रेलवे प्रशासन द्वारा इसे बंद कराने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, स्टेशन परिसर के बाहर संचालित यह रोटी बैंक लंबे समय से भूखों के लिए जीवनरेखा बना हुआ है। राहगीर, मजदूर, बेसहारा और जरूरतमंद यहां आकर सम्मान के साथ भोजन प्राप्त करते हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह पहल काफी सराही जाती रही है। हालांकि, हाल के दिनों में रेलवे प्रशासन ने इसे हटाने या बंद करने को लेकर आपत्ति जताई है, जिससे सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों में चिंता बढ़ गई है।
इसी बीच ओम जी यादव ने एक वीडियो जारी कर लोगों से अपनी राय और समर्थन मांगा है। वीडियो में उन्होंने बताया कि प्रशासनिक दबाव के कारण रोटी बैंक के संचालन में कठिनाई आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह सेवा बंद होती है तो सैकड़ों लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो जाएगा।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। एक ओर जहां प्रशासनिक नियमों का हवाला दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मानवीय पहल को बचाने की मांग जोर पकड़ रही है। सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने प्रशासन से इस दिशा में संवेदनशील रुख अपनाने की अपील की है।
अब देखना होगा कि रेलवे प्रशासन और समाजसेवियों के बीच इस मुद्दे का समाधान किस तरह निकलता है, लेकिन फिलहाल ‘रोटी बैंक’ का भविष्य अधर में लटका नजर आ रहा है।
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