बक्सर स्टेशन परिसर के समीप अवैध दुकानों का जमावड़ा, रेलवे की जमीन पर लग रही सब्जी मंडी से उठे सवाल

बक्सर लाईव। बक्सर रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास रेलवे की जमीन पर इन दिनों अवैध रूप से लग रही फुटपाथी दुकानों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्टेशन परिसर के समीप मंडी जैसी स्थिति दिखाई दे रही है, वही रेलवे के जमीन पर बड़ी संख्या में सब्जी विक्रेता जमीन का इस्तेमाल कर दुकानें लगा रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर रेलवे की जमीन पर इन दुकानों को लगने की अनुमति किस स्तर से मिल रही है और यदि अनुमति नहीं है तो कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

स्थानीय स्तर पर पूर्व में भी कुछ फुटपाथी सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकान लगाने के एवज में पैसे लिए जाने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। उस समय भी मामले को लेकर काफी चर्चा हुई थी और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगे गए थे। खबर सामने आने के बाद कुछ दिनों तक ऐसी दुकानें हटती नजर आईं, लेकिन समय बीतने के साथ एक बार फिर दुकानें सजने लगी हैं।

सबसे अहम सवाल यह है कि रेलवे की सरकारी जमीन पर लगातार दुकानें लग रही हैं तो संबंधित विभाग और रेलवे सुरक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था कहां है? क्या स्टेशन परिसर में दुकानदारों को व्यवस्थित करने की कोई अधिकृत व्यवस्था है या फिर बिना अनुमति के अतिक्रमण को नजरअंदाज किया जा रहा है?
इसी बीच स्टेशन पर अवैध वेंडिंग से संबंधित एक वीडियो भी पूर्व में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना उसके आधार पर किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद उठे सवालों का जवाब और पूरे मामले की जांच जरूरी है। इसी मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद पत्रकारों और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के बीच संवाद को लेकर भी चर्चाएं सामने आईं।

सवाल किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं, व्यवस्था पर है। रेलवे की जमीन पर यदि अवैध दुकानें लग रही हैं तो इसे रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? यदि दुकानदारों से किसी प्रकार की राशि वसूले जाने की शिकायत है तो उसकी जांच क्यों नहीं कराई जाती? और यदि कोई आरोप निराधार है तो संबंधित विभाग सामने आकर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं करता?

स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसर में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। ऐसे में रेलवे के सक्षम अधिकारियों से अपेक्षा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यह स्पष्ट किया जाए कि स्टेशन परिसर में दुकानों और वेंडिंग की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है तथा किसी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत सही है या नहीं।

Comments

Popular posts from this blog

जयमाल के मंच पर चली गोली: चौसा में दुल्हन को प्रेमी ने मारी गोली, शादी समारोह में मचा हड़कंप

बक्सर की नई जिलाधिकारी बनीं आईएएस साहिला हीर — प्राथमिक शिक्षा निदेशक से मिली जिम्मेदारी

बक्सर में सोशल मीडिया पर पिस्टल संग फोटो वायरल करने वाली महिला गिरफ्तार