इटाढ़ी में श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन
बक्सर लाईव: इटाढ़ी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। आचार्य रणधीर ओझा ने कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनके बाल रूप का सुंदर वर्णन किया। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल रूप में भव्य झांकी निकाली गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कथा में बताया गया कि जब-जब धरती पर अधर्म और आसुरी शक्तियों का प्रकोप बढ़ा है, तब-तब परमात्मा ने अवतार लेकर धर्म की स्थापना की है। भगवान वामन के रूप में उन्होंने भक्त बलि पर कृपा की और तीन कदम में तन, मन और धन की सेवा मांगकर उसे अक्षय साम्राज्य का वरदान दिया।
आचार्य ओझा ने श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मथुरा में कंस का अंत कर धर्म और प्रजा की रक्षा की। इसके बावजूद वे अपने माता-पिता के चरणों में झुकने में कभी संकोच नहीं करते थे। यह शिक्षा आज की युवा पीढ़ी को भी लेनी चाहिए, जो धन कमाने में व्यस्त रहते हुए अपने धर्म और मर्यादा को भूल रही है।
इस अवसर पर श्याम बिहारी पाठक, द्वारिका दूबे, कमलेश पाठक, गोविंद पाठक, भगवान वामन चेतना मंच के संजय ओझा, अभिषेक ओझा, सरोज तिवारी, अवधेश चौबे, प्रभाकर पाठक, मंटू पाठक, मृत्युंजय तिवारी, दयानंद उपाध्याय, गिरीश दूबे सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।
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