कर्मचारियों की हड़ताल से न्यायिक कार्य ठप, अधिवक्ताओं ने किया समर्थन

बक्सर लाईव : बक्सर न्यायमंडल के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जिले के सभी न्यायालयों में न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया। न्यायालय परिसर में कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहने का संकल्प लिया।
न्यायिक कार्य प्रभावित : 
जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने बताया कि हड़ताल के कारण बक्सर और डुमरांव के किसी भी न्यायालय में कोई कार्य नहीं हो सका। कैदियों की पेशी, जमानत आवेदनों पर सुनवाई और रिहाई के आदेश जारी नहीं हो पाए।
कर्मचारियों की चार सूत्री मांगें :
बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अखौरी राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्यभर के न्यायालय कर्मचारी चार प्रमुख मांगों के समर्थन में हड़ताल पर हैं:

1. स्नातक वेतनमान और प्रोन्नति।
2. शत-प्रतिशत अनुकंपा नियुक्ति।
3. चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों की समयबद्ध प्रोन्नति।
4. राज्य कैडर की स्थापना।

आर्थिक नुकसान :,
हड़ताल के कारण न्यायालयों में नित्य तीन लाख रुपये का न्याय शुल्क और 50 हजार रुपये की उत्पाद अधिनियम के तहत जुर्माने की वसूली नहीं हो सकी।
धरने में अधिवक्ताओं का समर्थन :
धरनास्थल पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा और महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने पटना उच्च न्यायालय से कर्मचारियों की वाजिब मांगों पर शीघ्र विचार करने की अपील की।

धरने में शामिल प्रमुख लोग : 
धरने में अजय कुमार, कमर आलम, संजय कुमार, संतोष कुमार द्विवेदी, सीमा रंजन, विनय सिंह, संतोष कुमार, जीशान खान, और अफरोज आलम सहित कई कर्मचारी और अधिवक्ता शामिल हुए।

न्यायिक संकट गहराया :
हड़ताल के कारण न्यायिक कार्य पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पटना उच्च न्याय

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