बक्सर में एसपी शुभम आर्य की अध्यक्षता में अपराध गोष्ठी का आयोजन: अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने दिए अहम निर्देश
बक्सर लाईव : पुलिस अधीक्षक बक्सर की अध्यक्षता में अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का उद्देश्य जिले में अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था की मजबूती, और पुलिस की उपस्थिति को प्रभावी बनाना था। गोष्ठी में जिले के सभी थानों के थानाध्यक्ष, सर्किल इंस्पेक्टर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कांडों और निस्तारण की समीक्षा
गोष्ठी में प्रतिवेदित कांडों और उनके निस्तारण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। गंभीर अपराधों पर विशेष ध्यान देते हुए पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित कांडों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने और अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने की बात कही।
वारंट निष्पादन और अवैध गतिविधियों पर चर्चा :
वारंट निष्पादन की प्रगति पर भी चर्चा की गई। जिन थानों ने इस दिशा में अच्छा प्रदर्शन किया, उनकी सराहना की गई, जबकि कमियां पाए जाने वाले थानों को सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। अवैध शराब की बिक्री और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
गश्ती व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर :
गोष्ठी में गश्ती व्यवस्था और चेकिंग अभियान की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गश्ती व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्कूल-कॉलेज, हॉस्पिटल, बैंक, ज्वेलरी शॉप्स, बड़े बाजार और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए एसडीपीओ और सर्किल इंस्पेक्टर को नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
डायल 112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा :
आपातकालीन सेवा डायल 112 की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यह सेवा आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
थानों की कार्यप्रणाली का आकलन :
थाना-वार समीक्षा में ज्यादातर थानों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया गया। जिन थानों में कमियां पाई गईं, उन्हें सुधारने के लिए विशेष निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाएं और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करें।
सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश :
गोष्ठी में स्कूल-कॉलेज, बड़े बाजार, और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। पुलिस की नियमित उपस्थिति और चेकिंग से अपराधियों में डर पैदा करने और आम जनता में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाने की योजना बनाई गई।
पुलिस अधीक्षक का संदेश :
गोष्ठी के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा, "जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। पुलिस की उपस्थिति और कार्रवाई से ही आम लोगों का विश्वास बढ़ेगा। हर अधिकारी को अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा के साथ करना चाहिए।"
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