14 जनवरी को मनेगी मकर संक्रांति: सुबह 6:58 से स्नान-दान, सूर्य दोपहर 2:58 पर करेंगे मकर राशि में प्रवेश
बक्सर लाईव : इस वर्ष मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। खिचड़ी के त्योहार के रूप में प्रसिद्ध यह दिन धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय महत्व से परिपूर्ण है। सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 2:58 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य के राशि परिवर्तन से आठ घंटे पूर्व इसका प्रभाव शुरू हो जाता है। इस आधार पर सुबह 6:58 बजे से स्नान-दान का शुभ समय प्रारंभ होगा।
गंगा स्नान का विशेष महत्व :
मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान को अत्यंत शुभ माना गया है। बक्सर के गंगा घाटों पर हर वर्ष इस दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। लोग पवित्र गंगा में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं और दान-पुण्य में भाग लेते हैं।
बक्सर का खिचड़ी मेला :
मकर संक्रांति के अवसर पर बक्सर में खिचड़ी मेले का आयोजन होता है। यह मेला न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। दूर-दूर से आए श्रद्धालु गंगा स्नान के साथ मेले का आनंद लेते हैं।
राशियों पर मकर संक्रांति का प्रभाव :
ज्योतिषाचार्य पंडित नरोत्तम द्विवेदी के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में प्रवेश सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा।
राशिफल:
मेष: धन में वृद्धि होगी।
वृष: धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी।
मिथुन: सुख और लाभ मिलेगा।
कर्क: कष्ट और भय का योग है।
सिंह: शोक और भय का सामना करना पड़ सकता है।
कन्या: शत्रु भय रहेगा।
तुला: संतान की उन्नति और भाग्योदय होगा।
वृश्चिक: धन की प्राप्ति होगी।
धनु: लाभ और धन वृद्धि के योग हैं।
मकर: आर्थिक लाभ होगा।
कुंभ: शत्रु नाश होगा।
मीन: हर क्षेत्र में लाभ मिलेगा।
विपरीत प्रभाव से बचने के उपाय :
जिन राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, उनके लिए पंडित जी ने उपाय बताया है। प्रतिदिन "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का एक माला जप करने से अशुभ प्रभाव कम होगा।
पर्व का महत्व :
मकर संक्रांति न केवल धार्मिक पर्व है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और आपसी सौहार्द बढ़ाने का भी प्रतीक है। इस दिन का स्नान, दान और गंगा की पवित्रता में डुबकी लगाने का महत्व हर व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाने वाला है।
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