राजपुर सीओ के विरुद्ध जिलाधिकारी के पास आवेदन देकर न्याय की गुहार,सीओ ने कहा दलालों के विरुद्ध कार्यवाही से लगाए जा रहे है आरोप
बक्सर लाईव: बक्सर जिले के राजपुर के अंचल पदाधिकारी शोभा कुमारी की कार्यशैली से क्षुब्ध होकर क्षेत्र के ग्रामीणों के द्वारा न्याय के लिए वरीय अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाए जाने का आवेदन इन दिनों थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार के द्वारा भूमि विवाद से संबंधित मामलों की निपटारे को लेकर नए कानून बनाए जा रहे है। जबकि राजपुर में भूमि संबंधित शिकायत कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। अभी पिछले दिनों धनसोइ गांव के रहने वाले ओम नारायण उपाध्याय के द्वारा जमीन से सम्बंधित सीओ के विरुद्ध उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई गई थी।
जिसमें अभी कार्रवाई हुई ही नहीं कि सखुआना गांव के रहने वाले हृदयनारायण सिंह के द्वारा अंचल पदाधिकारी शोभा कुमारी पर पक्षपात व मनमानी का आरोप लगाते हुए जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई गई है। हृदया नारायण सिंह का बेटा धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जमीन बंटवारे को लेकर बक्सर कोर्ट में हमारे विपक्षी के साथ अभी मामला चल रहा है। जबकि सीओ विपक्षी लोगों से मिली भगत कर विवादित जमीन पर घर बनवाना चाह रही है। जिसका मामला बक्सर कोर्ट में चल रहा है। पूर्व सीओ के समय भी यह मामला जनता दरबार में आया था तो उस समय उनके द्वारा आदेश दिया गया था कि न्यायालय से फैसला आने तक कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।
इसी बीच इधर इस विवाद पर विपक्षी पार्टी के द्वारा सीओ से शिकायत किए जाने पर सीओ के द्वारा मेरे पिता हृदयनारायण सिंह को सभी कागजात के साथ बीते 23 नवम्बर को अंचल कार्यालय राजपुर बुलाया गया। जब सभी कागजात के साथ सीओ के यहां पहुँचा तब सीओ ने विपक्षी लोगों के साथ मिलकर पक्षपात करते हुए कहा गया कि उस जमीन पर तुम्हारा कोई अधिकार नहीं है और अभद्र भाषा कहते हुए हमारा सभी कागजात फेंकते हुए भगा दिया गया।
वही इस सम्बंध में राजपुर सीओ शोभा कुमारी से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि हृदया नारायण सिंह का बेटा अंचल में दलाली करने आता था।जिसको लेकर डीएम से शिकायत किया गया है।जब जेल जाने का खौफ हुआ तो आवेदन देना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि खातियाधारी के जमीन पर बिना किसी आधार का टाइटल शूट किया है। इस मामले में थाना प्रभारी के द्वारा भी इनलोगों के ऊपर कारवाई की गई है।दिए गए वांसवाली से भी उनके साथ मैच नही करा रहा है।दूसरे पक्ष के पास जामबंदी है, रसीद कट रहा है।मैं किसी को कैसे रोक सकती हूं।कोर्ट का जो आदेश होगा उसका पालन किया जायेगा।
वही इस संबंध में दूसरे पक्ष के भीम सिंह द्वारा कहा गया की मैं दूसरे के घर में रह रहा हूं।अपने हिस्से के जमीन पर मकान बना रहा हूं तो उसपर धर्मेंद्र कुमार और उसके पिता द्वारा रोक लगाया जा रहा है।मामला जब कोर्ट में है तो ये अपनी हिस्से को जमीन की रजिस्ट्री कैसे कर सकते है।साथ ही कहा की मैं कोर्ट के आदेश पर बनी बनाई मकान छोड़ने को तैयार हूं ये लिखकर भी दे चुका हूं। कहा की मैं मकान अपने बाप दादा के पुश्तैनी जमीन में वह भी अपने हिस्से में बना रहा हूं।
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