क्राइम मीटिंग में एसपी शुभम आर्य के सख्त तेवर से अधिकारियों के छूटे पसीने,एसपी की दो टूक लापरवाही हुई तो नपेंगे थानेदार
बक्सर लाईव: शनिवार को बक्सर पुलिस कार्यालय में बक्सर पुलिस कप्तान शुभम आर्य के द्वारा क्राइम मीटिंग रखा गया था जिसमें एसपी ने पुलिस पदाधिकारियों की कमियों पर जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए अपने क्षेत्र में थानेदार हर संभव प्रयास करे अगर कही से भी कोई लापरवाही पाई जाती है तो ऐसे मामले में सख्त कार्यवाही की जाएगी।अपने क्षेत्र में अपराध पर कैसे लगाम लगाना है वो खुद तय करे अगर कोताही बरती गई तो कार्यवाही के लिए पदाधिकारी तैयार रहे।
बक्सर में क्राइम कंट्रोल के मद्देनजर हर माह होने वाले क्राइम मीटिंग को लेकर इस बार एसपी के तेवर सख्त दिखे. क्राइम कंट्रोल की कवायद को लेकर बैठक के दौरान एसपी शुभम आर्य ने सख्त हिदायत दी. उन्होंने कहा कि जिले में हर हाल में क्राइम पर कंट्रोल होना चाहिए. पुलिसकर्मी यह खुद तय करें कि उनके थाना क्षेत्र कैसे अपराध मुक्त हो. इसमें कोताही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारी बख्से नहीं जाएंगे. इसके लिए सभी पुलिस पदाधिकारी तत्परता से कार्य करे।
क्राइम मीटिंग में एसपी ने लगाई फटकार:
बैठक के दौरान एसपी ने सभी पुलिस पदाधिकारियों से बारी-बारी से थानावार, अंचलवार व अनुमंडल वार कांडों की समीक्षा की. एसपी ने कहा कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त के साथ-साथ, वाहन जांच अभियान, असामाजिक तत्वों व अपराध कर्मियों पर कड़ी निगाह रखें. जेल से छूटे अपराधियों और शराब से जुड़े कारोबारियों की सूची तैयार कर सख्त से सख्त कारवाई करें।2024 के पूर्व के सभी मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन करने के लिए निर्देशित किया गया।स्कूल-कॉलेज, हॉस्पिटल, बैंक, ज्वेलरी शॉप्स, बड़े बाजार तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस की बेहतर उपस्थिति तथा चेकिंग के लिए निर्देश दिए गए।इस दौरान उन्होंने कहा की थाने में आए फरियादियों के आवेदन या प्राथमिकी दर्ज करने में कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शराबबंदी कानून का हो सही से अनुपालन :
एसपी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूर्ण रूप से प्रतिबंधित शराब बंदी कानून को सफल बनाने को लेकर हर संभव कार्रवाई और उपाय होनी चाहिए. यदि किसी भी थाना क्षेत्र में अपराध में वृद्धि हुई तो थानाध्यक्ष जवाबदेह होंगे. एसपी ने कहा कि पुलिस-पब्लिक मैत्रीय संबंध स्थापित कर पुलिस का सकारात्मक चेहरा दिखे. कांड के अनुसंधान या निष्पादन में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए. थाना स्तर पर सूत्र मजबूत कर अपराध व अपराधियों के खिलाफ नियमित कार्रवाई करें.
जेल से छूटे अपराधी पर रखे नजर:
गंभीर अपराध में जेल से छूटे अपराध कर्मियों पर नजर रखें. सभी थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार पुलिस गश्त व क्राइम कंट्रोल को लेकर अन्य प्रभावी कदम उठाएं. ग्रामीण क्षेत्रों में चौकीदार के माध्यम से थानाध्यक्ष शराब माफियाओं की सूचना एकत्र कर सख्त कारवाई करें."बक्सर में हर हाल में क्राइम पर कंट्रोल होना चाहिए. पुलिसकर्मी यह खुद तय करें कि उनके थाना क्षेत्र कैसे अपराध मुक्त हो. इसमें कोताही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारी बख्से नहीं जाएंगे. इसके लिए सभी पुलिस पदाधिकारी तत्परता से कार्य करें.
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