जय बजरंगी के नारों से गुंजायमान हुआ बक्सर, महावीरी झंडा महोत्सव पर शहर मे निकला भव्य शोभायात्रा जुलूस 


बक्सर | महावीरी झंडा महोत्सव के अवसर पर शहर में होली के अगले मंगलवार को भव्य महावीरी जुलूस निकाला गया।जिसे बूढ़वा मंगलवार के नाम से भी जाना जाता है|महावीरी झंडा महोत्सव जुलूस के दिन नगाड़े की थाप व डीजे की धून पर हजारों की तादाद में शामिल हनुमानभक्तों ने करतब दिखाए। शोभा यात्रा में श्रद्धालु बच्चे, बूढ़े व युवक बजते जोश व उमंग के साथ थिरक रहे थे। दूसरी ओर हनुमान जी से संबंधित बजते भक्ति संगीत पर शोभा यात्रा जुलूस में शामिल श्रद्धालु जय श्रीराम,जय बजरंगी के नारों के बीच झूमते दिखे।वही अहले सुबह से मुख्यालय के सभी मंदिरों की फुल मालों से भव्य साज सज्जा की गई थी जिनमे पंचमुखी मंदिर,रामेश्वर मंदिर में भक्तों की सुबह से भारी भीड़ देखी गई|लोग सुबह से हनुमान चालीसा रामचरितमानस ,सुंदरकांड समेत तमाम पुराणों के पाठ करते नजर आए| श्री चंद्र मंदिर स्थित प्रधान अखाड़ा के सदस्य मंजेश केशरी ने बताया कीें हवन पूजन के साथ सर्वप्रथम जुलूस की शुरुआत श्री चंद्र मंदिर से हुई जिसके बाद परंपरा बढ़ती गयी तो अखाड़े भी बढ़ते गए|आज भी पूजा की शुरुआत प्रधान अखाड़े से ही शुरू होती है जिसके बाद विभिन्न अखाड़े की झांकियां मुनीम चौक पर एकजुट होकर शोभायात्रा मे प्रस्थान हेतु शामिल होकर साथ नगर भ्रमण को निकाली जातीहै|शहर मे निकली इस शोभा यात्रा में बैंडबाजा के साथ सोने चांदी से सजी राम दरबार की झांकी विशेष रुप से आकर्षण का केन्द्र बिन्दु बना रहा। इस दौरान विभिन्न समिति द्वारा सड़कों पर भगवा झंडे लगाए गए थे जिससे की पूरा शहर हनुमानमय लग रहा था वही विभिन्न अखाड़ा समितियों के द्वारा की गई रंग-बिरंगे बल्बों से जगमगाते रोशनी व जलते अंगीठी की रोशनी के बीच डंडा, गदा, तलवार के निपुण कलाकार दोपहर से लेकर देर रात तक परंपरागत तौर पर कला कौशल का प्रदर्शन करते रहे।इस मौके पर नगर के कुल लगभग डेढ़ दर्जन अखाड़ों द्वारा जूलूस निकाला गया। जिसमें बरजंगबली के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन भक्तों को देखने को मिला सभी झांकियां एक से बढ़कर थी जिसने बक्सरवासियों का मन मोह लिया। दूसरी ओर पूरा शहर महावीरी झंडों से पटा हुआ था। जुलूस में शामिल युवाओं के गगनभेदी जय हनुमान, जय श्रीराम के नारे से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रीचंद्र मंदिर से निकली यात्रा मुनीम चौक सहित अन्य मार्गों से गुजरते हुए शहर का भ्रमण किया। हनुमान की रथ यात्रा को देखने वाले दर्शनार्थियों व पूजा अर्चना करने वाले लोगों की भीड़ जिनमे महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली|

क्यूँ मनाते है बूढ़वा मंगलवार के दिन महावीरी झंडा:

वर्षों से चली आ रही मान्यताओ के अनुसार आपदाओं से रक्षा को लेकर नगर के विभिन्न मुहल्लों में महावीरी झंडा की पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ निकाली जाती है।शास्त्री मुक्तेश्वर जी ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार नगर में आपदा और महामारी से रक्षा को लेकर हर साल होली के अगले मंगलवार को महावीरी झंडा के पूजा की यहां परंपरा है। कहते हैं कि लगभग सौ वर्ष पूर्व शहर पर प्लेग नामक भयंकर महामारी का प्रकोप छाया हुआ था। तब किसी सन्यासी के निर्देश पर महावीर जी का अनुष्ठान किया गया और रोग पूरी तरह से खत्म हो गया तब से इस परम्परा का निर्वहन किया जाता रहा है l


पूजा को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे |बक्सर अनुमंडलाधिकारी धीरेन्द्र मिश्रा, सदर डीएसपी गोरख राम, नगर कोतवाल दिनेश मालाकार, अंचल निरीक्षक मुकेश कुमार स्वयं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालते नजर आए वही शहर के तमाम चौक चौराहों से लेकर सभी अखाड़ों के साथ पुलिस पदाधिकारियों व जवानों के अलावा दण्डाधिकारियों को तैनात किया गया था l

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