दबंगों की दबंगई: स्कुल मे अनाज चोरी पर गांव के दबंग कर रहें है राजनीति,

बक्सर: धंसोई थाना क्षेत्र के पतखौलिया गांव मे बीते दिनों चोरों ने मध्य विद्यालय का ताला तोड़ तकरीबन 15 क्लिंटन चॉवल ले उड़े थे जिसके बाद सूचना पर विद्यालय पहुंचे प्राचार्य के द्वारा स्कुल मे दूसरा ताला मार कर थाने मे अज्ञात चोरों के विरुद्ध आवेदन दिया गया था बावजूद वहाँ के दबंग प्रवृत्ति के लोगों द्वारा स्कुल प्रबंधन पर ही चोरी का आरोप मढ़ दिए जाने का खेल खेला जा रहा है आश्चर्य की बात तो ये है की कई हफ्ते बीत जाने के बाद भी पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं कर पाई और पुलिस भी शिक्षकों का बयान तक लेना मुनासिब नहीं समझती और ऐसा हम इसलिए कह रहे है की चोरी के इतने दिनों तक आवेदन को थाने मे रखना और उसपर कार्यवाही ना होना पुलिस को संदेह मे लाती है।

क्या है पूरा मामला :
दशहरा के समय सभी स्कूलों के अवकाश होते है इसी दौरान पतखौलिया मध्य विद्यालय मे चोरों के द्वारा ताला तोड़ चोरी की घटना को अंजाम दिया जाता है जिसकी सूचना 1 october को दिन मे 2 बजे स्कुल के प्रधानाध्यापक को मिलती है और ससमय वो स्कुल पहुंच टूटे हुए ताले को देखते है और जांच करते है तो तकरीबन 15 क्लिंटन चावल चोरों के द्वारा चोरी कर लिया गया जिसकी सूचना प्रधानाध्यापक के द्वारा शिक्षा समिति के सदस्यों को दे दी जाती है पुनः स्कुल खुलने पर अज्ञात चोरों के विरुद्ध थाने मे भी प्राथमिकी दर्ज करवाने को लेकर आवेदन स्कुल के प्राध्यापक के द्वारा दिया जाता है पर गांव के ही कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों द्वारा इस मामले को तूल देने के लिए स्कुल प्रबंधन पर चोरी करने की अफवाह फैला दी जाती है जिससे की पुलिस भी भ्रम मे आ जाती है और मामले को दूसरी हवा मिल जाती है।पुलिस ने ना ही जांच करना मुनासिब समझा उल्टा ही जांच के नाम पर खानापूर्ति करती रही।

विद्यालय प्रबंधन से निजी विवाद है जड़:
विद्यालय प्रबंधन का कहना है की गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा अनाज और पैसे की मांग की जाती रही है धमकियां मिलने के बावजूद भी हम अपना काम ईमानदारी से करते है और मना करने की ही देन है विद्यालय मे चोरी ...क्यूंकि बच्चों के हक को किसी और के हाथों मे हम नहीं जाने दे सकते भले ही स्कुल मे हम रहे ना रहे।दबंगों द्वारा हमेशा स्कुल प्रबंधन को परेशान करने का कार्य किया जाता रहा है बावजूद हम उनपर ध्यान ना देकर बच्चों की पढ़ाई और स्कुल के विकास पर ध्यान देते है।

पुलिस का रवैया है संदेह के घेरे मे :
विद्यालय प्रबंधन के आवेदन के बाद भी थाने की पुलिस अब तक प्राथमिकी दर्ज करने मे असफल रही है हालंकि वजह जो भी रहा हो बहरहाल दबंगों का रुतबा तो नजर आ जाता है इस पूरे मामले मे जहां पुलिस ही पीड़ित पक्ष को आवेदन वापस ले जाने की बात करती है।

क्या कहते है शिक्षा पदाधिकारी:
शिक्षा पदाधिकारी से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया की अभी तक ऐसा मामला प्रकाश मे नही आया है और अगर स्कुल प्रबंधन के साथ ऐसा सुलूक हो रहा है तो ये शर्मनाक है जिस गुरु को माँ बाप से ऊपर का दर्जा दिया जाता है उनके साथ आखिर ऐसा सौतेला व्यवहार हो रहा है तो ये जांच का विषय है।खैर मामला जो भी हो पुलिस इस मामले की लीपा पोती मे जुट गई है।

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